रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 16 अक्टूबर को जयपुर दौरे पर आएंगे। इस दौरान रेल मंत्री उत्तर पश्चिम रेलवे के चारों मंडलों- जयपुर, जोधपुर, अजमेर और बीकानेर के 65 स्टेशनों पर हुए विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। लगभग 100 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से हुए विकास कार्यों से यात्रियों को लाभ मिलेगा।
खास बात यह है कि ये सभी छोटे स्टेशन हैं, जिन्हें अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल नहीं किया गया था, लेकिन यात्रियों की जरूरत को देखते हुए यहां सुधार और विकास कार्य किए गए हैं।
रेल मंत्री अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान खातीपुरा रेलवे स्टेशन से जयपुर-असारवा ट्रेन में एक नई सुविधा की भी शुरुआत करेंगे। इसमें अब एसी कोच के यात्रियों को मिलने वाला बेडरोल पैक कवर में दिया जाएगा। यह उत्तर पश्चिम रेलवे देश का पहला जोन बनेगा, जहां इस सुविधा की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की जा रही है।
पहले इसे एक ट्रेन में लागू किया जाएगा और बाद में अन्य ट्रेनों और जोनों में विस्तार किया जाएगा। इससे गंदे या बिना धुले बेडरोल मिलने की शिकायतों पर रोक लगेगी।
100 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण
रेल मंत्री वैष्णव अपने दौरे में 65 स्टेशनों पर नई यात्री सुविधाओं का उद्घाटन करेंगे। इनमें प्लेटफॉर्म सुधार, शेड, बैठने की व्यवस्था, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल सुविधा और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड जैसी कई यात्रियों से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं। इन कार्यों में जयपुर मंडल के 11, जोधपुर मंडल के 20, अजमेर मंडल के 3 और बीकानेर मंडल के 31 स्टेशन शामिल हैं।
बीकानेर मंडल के स्टेशन
पीलीबंगा, सीवानी, श्रीडूंगरगढ़, नोहर, नपासर, श्रीकरणपुर, संगरिया, लूणकनसर, सादुलशहर, झारली, नथवाना, बिग्गा, बनिसर, केसरसिंहपुर, गजसिंहपुर, सुधरना, सरूपसर, भगवानसर, पृथ्वीराजपुर, संगत, जामसर, झाखोद खेड़ा और सुचान कोटली।
जयपुर मंडल के स्टेशन
खातीपुरा, चिड़ावा, ढेहर के बालाजी, चौमूं सामोद, श्रीमाधोपुर, भैंसलाना और चाकसू।
जोधपुर मंडल के स्टेशन
सांदरी, नावां सिटी, मोड्रान, मोकलसर, रानीवाड़ा, लूणी, धनेरा, कुचामन सिटी, भगत की कोठी, कलानौर कलां, डूंडारा, गूधा, गोविंदी मारवाड़, भीमारलाई, परलू, कावास, जसाई, बनिया सांडा धोरा, मारवाड़ चपरी, बदवासी, श्री बालाजी, सालावास, हरलाया, शैतान सिंह नगर, मारवाड़ बिथरी, तालछापर, गगारिया, पिपर सिटी, रामसर, बड़ी खाटू, छोटी खाटू और उदरामसर।
अजमेर मंडल के स्टेशन
करजोदा, मकरैरा और पिपलाज।






