जयपुर की रामनगरिया थाना पुलिस ने जमीनी धोखाधड़ी में दो शातिर जालसाजों को अरेस्ट किया है। जमीन को डवलपर्स को बेचकर कैश-चैक के जरिए रुपए वसूले। विवादित जमीन को दोबारा बेचकर प्रॉफिट उठाने का प्लान भी बना रखा था। पुलिस गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले में शामिल अन्य की तलाश कर रही है।
डीसीपी (ईस्ट) संजीव नैन ने बताया- जमीनी धोखाधड़ी में आरोपी रामजीलाल (57) और श्यामलाल मीना (52) निवासी चतरपुरा को अरेस्ट किया गया है। साल-2003 में ग्राम चतरपुरा की 72 बीघा जमीन को खातेदारों ने डवलपर्स को बेच दिया था। जमीन के बदले कैश और चेक के जरिए रुपए ले लिए। डवलपर्स को जमीन विकसित करने के लिए मुख्तयारनामा जारी किया।
डवलपर्स ने इस जमीन पर ‘श्री नृसिंह आर्केड’ नाम से आवासीय स्कीम विकसित कर भूखण्ड बेच दिए। भूखण्ड मालिकों ने निर्माण शुरू करना चाहा, तो मूल खातेदारों ने विरोध कर दिया। कई सालों तक निर्माण बंद रहा। जांच में यह भी सामने आया कि खातेदार जमीन को दूसरी जगह दोबारा बेचकर दोहरा फायदा लेना चाहते थे। मामले में अन्य सहखातेदारों की संलिप्तता भी सामने आई है, जिनकी जांच की जा रही है।






