हैंडग्रेनेड और अन्य घातक हथियारों समेत पकड़े गए कुख्यात डकैत धनसिंह के गिरोह का नेटवर्क मध्यप्रदेश तक फैला हुआ है। हालांकि रिमांड अवधि में अब तक की पूछताछ में उसने पुलिस को अपने केवल दो साथियों के ही नाम बताए हैं। उनमें से एक नरेना (जयपुर) निवासी शिवसिंह ने उसे हैंडग्रेनेड और अन्य हथियार उपलब्ध कराए थे।
शिवसिंह को यह हथियार कहां से मिले इसका खुलासा उसकी गिरफ्तारी के बाद ही होगा। हालांकि पुलिस ने संभावना जताई है कि यह हथियार या तो एमपी-यूपी या फिर हरियाणा से लाए गए हैं। धनसिंह का दूसरा गुर्गा भिनाय का रहने वाला अर्जुन सिंह है। पुलिस का दावा है कि जल्द दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
35 हजार का रखा था इनाम
धनसिंह हथियार जमा करके किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था, पुलिस इसका भी अंदेशा जता रही है। डेढ़ साल तक फरार रहे 35 हजार रुपए के इनामी डकैत धनसिंह को पुलिस ने 1 नवंबर की रात पिपरोली के पास से पकड़ा था। पांच दिन के रिमांड पर चल रहे धनसिंह से पुलिस उसके गिरोह के गुर्गों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक धनसिंह ने एमपी में भी अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर रखा है। पुलिस एमपी के रतलाम, नीमच से लेकर झाबुआ जिले तक उसके गुर्गों के बारे में पता किया जा रहा है।
51 केस हैं दर्ज, 20 में हो चुका बरी
धनसिंह पर हत्या, लूट, जमीन हथियाने सहित कई मामलों में 51 मामले दर्ज हैं। इनमें से 20 मामलों में वह बरी हो चुका है। फिलहाल यह गिरोह टांटोटी गोलीकांड के बाद से खामोश था। लेकिन धनसिंह के पास से मिले हैंड ग्रेनेड, 12 बोर की पिस्टल, कारतूस, दो देसी पिस्टल सहित अन्य हथियार मिलना पुलिस के लिए बड़ा सवाल बन गया है। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि धनसिंह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था, इसलिए हथियार एकत्र कर रहा था। हालांकि उसने अब तक ऐसी कोई बात पुलिस को पूछताछ में नहीं बताई है।
शिवसिंह से लिए थे हथियार
मामले के जांच अधिकारी सरवाड़ के थाने के एसएचओ गिरिराज सिंह ने बताया कि धनसिंह से पूछताछ में नरेना निवासी शिवसिंह और भिनाय निवासी अर्जुन सिंह के नाम सामने आए हैं। इनकी पड़ताल की जा रही है। धनसिंह ने शिव सिंह से यह हथियार लिए थे।
वह एमपी या कहीं और से लाया है तो इसका खुलासा उसकी गिरफ्तारी के बाद ही होगा। धनसिंह के साथी एमपी में हो सकते हैं, लेकिन पहले अर्जुन और शिवसिंह को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।






