झुंझुनूं में चलती स्कॉर्पियो में अचानक आग लग गई। हादसे के दौरान गाड़ी लॉक हो गई और पांच बच्चों समेत दो लोग इसमें फंस गया। गाड़ी चला रहे युवक ने कांच तोड़कर सबकी जान बचाई। हादसा मुकुंदगढ़ के डाबड़ी बलौदा गांव में शुक्रवार दोपहर 3 बजे हुआ।
पुलिस के मुताबिक डाबड़ी बलौदा निवासी नदीम और अनवर की बहन खेरूना भोड़की (गुढ़ागौडजी) में रहती है। शुक्रवार को इनकी भांजी खुशी की शादी थी। मायरा भरने के लिए दोपहर तीन बजे दोनों भाई अपने बच्चों और दोस्त के साथ घर से निकले थे।
कार में नदीम के बच्चे आरजू (14), अयान (13), आलिया (10), अनवर की बेटी तमन्ना (15) और इनके बडे़ भाई सद्दाम का बेटा अदनान (3) के साथ इनका दोस्त अजय नायक (25) भी था।
कार अनवर ड्राइव कर रहा था। घर से तीन किलोमीटर आगे निकलते ही कुमावास-देलसर मार्ग पर बोनट में से धुआं निकलने लगा।
अनवर ने गाड़ी में धुआं उठता देख, उसे बंद करने की कोशिश की, लेकिन बंद नहीं हो पाई। ऐसे में आग फैलने लगी तो वह बाहर निकला। इसके बाद गाड़ी के सारे गेट लॉक हो गए थे।
इस पर उसने पत्थर से गाड़ी का शीशा तोड़ा और भाई नदीम को बाहर निकाला। इसके बाद गाड़ी के शीशे तोड़ कार में फंसे पांच बच्चों और दोस्त अजय को बाहर निकाला।

पीछे वाली सीट पर थे बच्चे बीच सड़क कार में आग लगते देख इकट्ठा हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने पानी और मिट्टी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन गाड़ी पूरी तरह से जल चुकी थी।

कार में रखा कैश और मायरा का सामान जला अनवर ने बताया कि मायरा ले जाने के लिए गाड़ी में करीब 8 लाख रुपए का सामान था। इसमें दो लाख रुपए कैश थे, जो जल गए। एक तोला सोना और 60 तोला चांदी भी थी।
गनीमत रही कि समय रहते बच्चों को बचा लिया गया। वहीं इस हादसे में नदीम 10 प्रतिशत तक झुलस गया, जिसे इलाज के गुढ़ागौडजी के सरकारी अस्पताल लेकर गए।






