कालाडेरा पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यह कॉल सेंटर कालाडेरा थाना क्षेत्र में संचालित था। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अशोक सिंगड़, शंकर पूनिया और सूरज कुमावत के रूप में हुई है। कालाडेरा थाना अधिकारी बाबूलाल मीणा ने बताया कि ये आरोपी गूगल पर ‘कॉल गर्ल’ वेबसाइट बनाकर लड़कियों की फर्जी तस्वीरें अपलोड करते थे। इसके बाद ग्राहकों से उनके नाम पर पैसे वसूलते थे।
आरोपी फोन पर बात करते समय वॉयस चेंजर मशीन का इस्तेमाल कर खुद को महिला बताते थे। वे ग्राहकों को झांसे में लेकर ‘एडवांस’ या ‘सर्विस चार्ज’ के नाम पर मोटी रकम ऐंठ लेते थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 एंड्रॉयड मोबाइल, एक कीपैड मोबाइल, 14 सिम कार्ड, 9 एटीएम कार्ड, 4 बैंक पासबुक और एक वॉयस चेंजर मशीन जब्त की है। इसके अतिरिक्त, एक मोटरसाइकिल और एक स्विफ्ट कार को मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सीज किया गया है।
जयपुर ग्रामीण एसपी राशि डोगरा के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से ऑनलाइन ठगी के इस धंधे में सक्रिय थे और कई लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। पुलिस अब आरोपियों के नेटवर्क और उनके बैंक खातों की गहन जांच कर रही है।
थाना प्रभारी ने बताया कि इस गिरोह का सरगना शंकर पूनिया है, जो कालाडेरा में एक मकान किराए पर लेकर कॉल सेंटर चलाता था। आरोपी अशोक सिंगड़ उसका पार्टनर है, जबकि एक अन्य आरोपी को मासिक वेतन पर रखा गया था। ये सदस्य इंटरनेट से लड़कियों की तस्वीरें डाउनलोड कर उनके साथ संपर्क के लिए अलग-अलग विज्ञापन डालते थे और ग्राहकों से ‘एस्कॉर्ट सर्विस’ के नाम पर वसूली करते थे।
पुलिस ने अशोक सिंगड़ (20) पुत्र गोपाल सिंगड़ निवासी मारोठ, नागौर, शंकर पूनिया (28) पुत्र हीरालाल जाट निवासी रेनवाल और सूरज कुमावत (25) पुत्र श्रवण कुमावत निवासी रेलवे फाटक के पास रेनवाल को गिरफ्तार किया है।






