छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीय जोहर पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल के खिलाफ देशद्रोह की कार्रवाई की मांग को लेकर सिंधु संस्कार सेवा समिति ने भीलवाड़ा में रैली निकाली, पुतला जलाया और जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर देशद्रोह की धाराओं में कार्रवाई करने की मांग की।
इस दौरान बड़ी संख्या में सिंधी समाज के व्यक्ति सूचना केंद्र चौराहे पर इकट्ठा हुए, फिर यहां से रैली के रूप में जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और वहां पुतला फूंक कर जमकर विरोध प्रदर्शन ओर नारेबाजी की।

गलत बयान की निंदा
सिंधु संस्कार सेवा समिति के अध्यक्ष हरीश मनवानी ने बताया- छत्तीसगढ़ में एक राजनीतिक पार्टी के अमित बघेल ने सिंधी समाज, जैन समाज और अग्रवाल के लिए गलत बयान दिया था। इस बयान में उन्होंने सिंधी समाज को पाकिस्तानी बताया है। क्षेत्रीय पार्टियों के जनप्रतिनिधी राजनीति के चक्कर में मंच से अपशब्द बोलते हैं, इससे सिंधी समाज में भारी रोष है।सिंधी समाज को पाकिस्तानी बताया गया है, जो शब्द बोले हैं इससे सभी का मन दुखा है।
हमें जाति के आधार पर आजादी मिली
14 अगस्त 1947 में विभाजन विभीषिका दिवस पर हम सब सिंध प्रांत छोड़कर आए हैं। देश को जाति के आधार पर आजादी मिली थी तो हम सभी सिंध प्रांत छोड़कर आए थे। लेकिन अब आजादी के बाद अगर हमें यह सुनना पड़े कि हम पाकिस्तानी है तो ये काफी निंदनीय है। हम चाहते हैं कि बघेल इस बात को साबित करें।

हम अखंड भारत में पैदा हुए
हम जब पाकिस्तान के सिंध प्रांत पैदा हुए तब भी अखंड भारत था,आज भी आजादी के बाद का नया भारत है।हम चाहते हैं कि बघेल को के खिलाफ देशद्रोह की धाराओं में मामला दर्ज हो, जिस पार्टी के मंच से बोला है उस पार्टी को बैन किया जाए।अगली बार कोई भी क्षेत्रीय पार्टी अथवा कोई भी व्यक्ति इस तरीके से भारत को तोड़ने वाली और किसी भी समाज को आहत करने वाली बात नहीं करें।
11 बजे तक बाजार बंद
इससे पहले आज सुबह 11 बजे तक सिन्धी समाज ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। इस दौरान समाज के वरिष्ठ हेमंत दास भोजवानी, उद्धव दास भगत,गुरदास लखवानी, पार्षद इन्दू दिदी, किशोर सोनी, चन्दपकाश चन्दवानी, दिलीप केशवानी, लालचंद नथरानी, मघाराम भगत, ओम देवानी, डालूमल सोनी, ओमदेवानी, जितेन्द्र मोटवानी, हीरालाल गुरनानी, जितेन्द्र रंगलानी, नरेश रामचन्दानी, दिलीप रावानी, राजेश माखीजा, मोहन लूधानी, महेश खोतानी, अनिल छाबड़ा, दिपेश दत्ता ने सिन्धी समाज के लिए अपने विचार रखकर समाज को मार्गदर्शन किया।
इस दौरान कोमल चावला, स्वीटी लालवानी,चित्रा लोहानी, शेरू निहालानी, मनोज भोजवानी, राजकुमार दरयानी,राजकुमार टहल्यानी,सूरेश लोगवानी दिपक खुबवानी, हरीकिशन टहल्यानी,चदवानी,कमल पहलवानी, शंकर मानवानी शामिल हुए।







