राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर के AIIMS रोड पर अतिक्रमण की समस्या को लेकर सख्त आदेश जारी किए हैं। जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस अनुरूप सिंघी की खंडपीठ ने बुधवार को दिए आदेश में स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया कि एम्स के गेट नंबर 3 और 4 पर स्थित सभी अतिक्रमणकारियों को हटाया जाए और AIIMS कैंपस के साथ पूरी मुख्य सड़क को भी अतिक्रमण मुक्त किया जाए।
कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि इस रोड पर सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक किसी भी भारी वाहन को चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जनहित याचिका में हालात की भयावहता
इस मुद्दे को लेकर चंद्रशेखर की ओर से गत वर्ष जनहित याचिका दायर की गई थी। इसमें एम्स रोड पर लगातार बढ़ते अतिक्रमण और यातायात की समस्या को लेकर राज्य सरकार से कार्रवाई की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से एम्स रोड पर अतिक्रमण और इसकी वजह से हो रहे भयावह हालात की तरफ कोर्ट का ध्यान आकर्षित किया गया।

सरकार की तरफ से AAG ने पेश की रिपोर्ट
कोर्ट के पहले के आदेश के अनुसार अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने रिपोर्ट पेश की, जिसे कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लिया। इस रिपोर्ट में संभवतः AIIMS रोड की वर्तमान स्थिति और अतिक्रमण की समस्या का विवरण दिया गया था।
हाईकोर्ट ने 9 दिसंबर तक अतिक्रमण हटाने के दिए सख्त निर्देश
हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 9 दिसंबर के लिए तय करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस तारीख से पहले गेट नंबर 3 और 4 पर स्थित सभी अतिक्रमणकारियों को हटाया जाना जरूरी है। साथ ही AIIMS कैंपस के साथ-साथ पूरी मुख्य सड़क को भी अतिक्रमण मुक्त करना होगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस रोड पर सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक किसी भी भारी वाहन को चलने की अनुमति नहीं होगी।
जिला कलेक्टर की जिम्मेदारी
कोर्ट ने जिला कलेक्टर और अन्य सभी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि इस आदेश का सख्ती से पालन किया जाए। कोर्ट ने कहा कि जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि अतिक्रमण हटाने और भारी वाहनों पर पाबंदी लगाने के निर्देशों का पूरी तरह से अनुपालन हो।

निगम ने पार्किंग के नाम पर स्लीप लेन पर कराया अतिक्रमण
जोधपुर का AIIMS रोड एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां रोजाना हजारों मरीज और उनके परिजन आते-जाते हैं। अतिक्रमण और भारी वाहनों की आवाजाही से यहां यातायात की गंभीर समस्या बनी हुई थी। हालात तो ये है कि एम्स के बाहर पार्किंग के लिए नगर निगम ने ठेका दे रखा है, लेकिन इसी ठेके की वजह से एम्स के बाहर मुख्य मार्ग के साथ चलने वाली स्लीप लेन पर भी अतिक्रमण हो रखा है।
सरस डेयरी ने भी बिना सोचे समझे दिया बूथ
इतना ही नहीं, इसी रोड पर एम्स के ठीक सामने अनगिनत ठेले और ढाबे तो लगे ही हैं, साथ ही साथ सरस पार्लर भी बिना किसी वैध तरीके से लगा हुआ है। जिसके बाहर गाड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है।
हैरानी की बात तो ये भी है कि नगर निगम ने कई बार इस रोड पर दिखावे के लिए कार्रवाई की, लेकिन इस बूथ के संचालक को इसकी भनक लगते ही वो गायब हो जाता है, ताकि निगम की टीम को परमिशन नहीं दिखानी पड़े। निगम टीम भी जानबूझकर इसे छोड़ देता है और इसी की वजह से आसपास ढाबे फिर से लग जाते हैं।






