उप मुख्यमंत्री और पर्यटन एवं कला-संस्कृति मंत्री दीया कुमारी ने कहा कि राजस्थान की पहचान उसकी रंग-बिरंगी संस्कृति, परंपराओं और लोकनृत्यों में बसती है। घूमर केवल एक नृत्य नहीं, बल्कि यह राजस्थान की आत्मा है, जो हमारी नारीशक्ति, उमंग और उत्साह की जीवंत अभिव्यक्ति है।
वे गुरुवार को पर्यटन भवन में आयोजित ‘घूमर फेस्टिवल 2025’ के पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में बोल रही थीं। इस अवसर पर राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत और पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियाड़ भी उपस्थित रहे।
दीया कुमारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार सांस्कृतिक धरोहरों और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में पहली बार ‘घूमर फेस्टिवल 2025’ का भव्य आयोजन 19 नवंबर को किया जाएगा।
उन्होंने प्रदेशवासियों, विशेष रूप से महिलाओं और युवतियों से पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में इस आयोजन में शामिल होने का आह्वान किया।

सातों संभागों में एक साथ भव्य आयोजन
यह फेस्टिवल राज्य के सातों संभाग मुख्यालयों जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर, कोटा और भरतपुर में एक ही दिन और एक ही समय पर एक साथ आयोजित होगा।
यह राज्यव्यापी आयोजन अजमेर के खेल स्टेडियम, सम्राट पृथ्वी राज राजकीय महाविद्यालय में, भरतपुर में विश्वप्रिय शास्त्री पार्क में और कार्यशाला, व्यायामशाला, मास्टर आदित्येंद्र सीनियर सेकेंडरी स्कूल, भरतपुर में, बीकानेर में डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में और कार्यशाला महारानी बालिका विद्यालय, डॉ. कर्णी सिंह स्टेडियम के सामने, जोधपुर में राजकीय उम्मेद स्टेडियम में, जयपुर में फुटबॉल ग्राउंड, विद्याधर नगर स्टेडियम में और कार्यशाला जेकेके में, कोटा में शौर्य घाट, चम्बल नदी तट पर, उदयपुर मे भण्डारी दर्शक मण्डप में और कार्यशाला दीन दयाल उपाध्याय सभागार, नगर निगम उदयपुर में किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक संभाग के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो स्थानीय स्तर पर सभी व्यवस्थाओं का समन्वय सुनिश्चित करेंगे।
जयपुर में राज्यस्तरीय मुख्य आयोजन
राज्यस्तरीय मुख्य समारोह जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में 19 नवंबर को दोपहर 3 से शाम 6:30 बजे तक होगा।इसमें गणगौर घूमर डांस अकादमी की निदेशक ज्योति तोमर के निर्देशन में कलाकार पारंपरिक लोकसंगीत पर मनोहारी घूमर प्रस्तुति देंगे।
इस आयोजन के लिए एक विशेष साउंड ट्रैक तैयार किया गया है, जिस पर सभी संभागों में एक साथ नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। जिससे राज्यभर में एकता और सांस्कृतिक समरसता का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा। इसमें 12 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाएं और युवतियां भाग ले सकती हैं। छात्राएं, गृहिणियां, प्रोफेशनल डांसर्स और सांस्कृतिक संस्थाओं की सदस्याएं इस ओपन फेस्टिवल में शामिल हो सकती हैं। ऑनलाइन पंजीकरण निःशुल्क ghoomar.rajasthan.gov.in पर किए जा सकते हैं।
सातों संभागीय शहरों में निःशुल्क प्रशिक्षण वर्कशॉप्स आयोजित की जा रही हैं। जयपुर में यह छह दिवसीय वर्कशॉप 11 से 16 नवंबर तक जवाहर कला केंद्र में चल रही है, जहाँ अनुभवी नृत्यगुरु प्रतिभागियों को पारंपरिक घूमर शैली में प्रशिक्षित कर रहे हैं।
पुरस्कार एवं सम्मान
राज्यस्तरीय आयोजन में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले समूहों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा। जिसमें बेस्ट ग्रुप डांस, बेस्ट ग्रुप कॉस्ट्यूम, बेस्ट ग्रुप ज्वैलरी, बेस्ट ग्रुप सिंक्रोनाईजेशन, बेस्ट ग्रुप कॉरियोग्राफी के पुरस्कार सम्मिलित है।
कार्यक्रम की शुरुआत पर्यटन भवन के हॉल में गणेश भित्ति चित्र पूजन से हुई। उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत और पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियाड़ के साथ मिलकर ‘घूमर फेस्टिवल 2025’ का पोस्टर लॉन्च किया।






