सलूंबर जिले में साइबर सेल और DST टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 ठगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग अमेरिकी नागरिकों को सस्ता लोन देने के नाम पर ठगी कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में मिजोरम के आईजोल निवासी लालरामलूना (पिता लालहरुहीया), एच जोहनमगहिया (पिता जोहमिनगलिना) और जयपुर निवासी अक्षय शर्मा शामिल हैं।
पुलिस ने इनके पास से 3 लैपटॉप, 3 ब्लूटूथ हेडफोन, 4 मोबाइल फोन और एक नेट राउटर बरामद किया है।
होटल के कमरे से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर
ये ठग सलूंबर के देवगांव में होटल भाग्य श्री के कमरा नंबर 107 से फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। दिल्ली में हुए ब्लास्ट की जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ और होटल में छापा मारा गया। कमरे का दरवाजा खुलवाते ही 3 युवक लैपटॉप पर विदेशों में कॉल करते मिले। पूछताछ में ये संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
ठगी का तरीका
- ये लोग इंटरनेट कॉल (VoIP) से अमेरिकी लोगों से संपर्क करते थे।
- सस्ता लोन देने का लालच देकर उनके बैंक खाते की पूरी डिटेल और पासवर्ड लेते थे।
- फिर खाते से डॉलर निकालकर अपनी आईडी में ट्रांसफर करते थे।
- डॉलर को रुपए में कन्वर्ट कर निकाल लेते थे।
पुलिस अब इनके नेटवर्क, अन्य साथियों और ठगी की राशि की जांच कर रही है।

फर्जी नाम से आईडी बनाई, केशनेट कर्मचारी बन कॉल करते पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने फर्जी नाम से आईडी बना रखी थी। आरोपी राम का कोड नेम जेक था। वहीं, एच जोहनमगहिया का कोड नेम डेविड और अक्षय का केविन था। ये लोगों को लॉन देने के लिए केशनेट कर्मचारी बनकर कॉल करते। फिर लोन के बहाने सिक्योरिटी के लास्ट चार डिजिट मांगकर उनके मंथली इनकम डाटा शीट प्राप्त करते। फिर यूजर नेम और पासवर्ड लेकर उनके खाते से पैसे निकाल लेते थे।






