प्रदेश के पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री और बीज निगम के अध्यक्ष डॉ. रतन लाल जाट का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने जयपुर में अंतिम सांस ली। उनके निधन से राजनीतिक और शैक्षणिक जगत में शोक व्याप्त है।
डॉ. जाट ने राजस्थान की राजनीति और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वह अखिल मेवाड़ प्रदेश महासभा के अध्यक्ष भी रहे, जिसमें चित्तौड़, उदयपुर, राजसमंद, भीलवाड़ा, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ जैसे जिले शामिल हैं।
उनके राजनीतिक करियर में 1990-92 और 1998-03 तक नौवीं और ग्यारहवीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य के रूप में कार्यकाल शामिल है। उन्होंने 1990-92 में महिला एवं बाल विकास विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), महाविद्यालयी एवं विश्वविद्यालय शिक्षा विभाग के राज्य मंत्री और 1992 में तकनीकी शिक्षा विभाग के राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया।
डॉ. रतन लाल जाट का जन्म 25 दिसंबर 1948 को सहाड़ा (पछमता) में हुआ था। उनके पिता का नाम बद्री लाल जाट था। उन्होंने श्रीमती कमला देवी से 25 दिसंबर 1969 को विवाह किया था और उनके तीन पुत्र हैं। उनका मुख्य व्यवसाय शिक्षक था और समाज सेवा तथा खेलकूद में उनकी विशेष अभिरुचि थी।
उनके बेटे पूर्व प्रधान कमलेश चौधरी ने बताया कि डॉ. जाट की पार्थिव देह को गंगापुर स्थित उनके निजी आवास पर सुबह 8 बजे से 10 बजे तक अंतिम दर्शनों के लिए रखा जाएगा। इसके बाद दोपहर 12:15 बजे उनके पैतृक गांव पछमता में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।






