चित्तौड़गढ़ शहर में इन दिनों नाबालिग बच्चों द्वारा की जा रही चोरी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। हाल ही में दो वारदातें सामने आईं, जिनसे आमजन के साथ-साथ पुलिस भी परेशान है। सबसे बड़ी बात यह है कि इन घटनाओं में छोटे-छोटे बच्चे शामिल हैं, जिन पर लोग आसानी से शक भी नहीं करते। दोनों मामले में आज सोमवार को रिपोर्ट दी गई हैं।
इलेक्ट्रॉनिक दुकान में घुसे बच्चे, ड्रॉअर से दो लाख उड़ाए
रविवार को शहर के मुख्य बाजार में स्थित चंद्रलोक टॉकीज के पास कीर्ति इलेक्ट्रिकल दुकान में चोरी की घटना हुई। दुकान मालिक लोकेश पोरवाल ने सुबह किसी को पेमेंट के लिए अपने घर से 2 लाख रुपए लाकर ड्रॉअर में रखे थे। उसी दौरान एक नाबालिग बच्चा दुकान के आसपास घूमता नजर आया, लेकिन बच्चा समझकर किसी ने ध्यान नहीं दिया। जैसे ही मालिक गोदाम में गए, बच्चे ने मौका देखकर ड्रॉअर से रुपए निकाल लिए। शाम को जब भुगतान करने का समय आया, तब चोरी का पता चला। सीसीटीवी फुटेज देखने पर साफ दिखाई दिया कि यह काम एक छोटे बच्चे ने किया है।

हॉस्पिटल में महिला का पर्स चोरी करने वाले भी नाबालिग
इससे पहले 15 नवंबर को जिला हॉस्पिटल में भी चोरी की घटना हुई। चंदेरिया निवासी छोटू कंवर एक्स-रे कराने हॉस्पिटल पहुंची थीं। वह एक्स-रे रूम के बाहर खड़ी थीं, तभी दो नाबालिग बच्चे तेजी से आए और उनके पर्स के अंदर रखा छोटा पर्स निकालकर भाग गए। उस पर्स में सोने का मंगलसूत्र था। जब सीसीटीवी फुटेज देखा गया तो दोनों बच्चे भागते हुए दिखाई दिए।
पुलिस को शक, बच्चों के पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय
शहर में इन दोनों घटनाओं ने लोगों में डर और चिंता बढ़ा दी है। कई बार छोटे बच्चों को देखकर लोग किसी तरह का संदेह नहीं करते, जिसका फायदा उठाकर ये बच्चे चोरी कर रहे हैं। पुलिस की भी चिंता बढ़ गई है कि आखिर ये बच्चे खुद चोरी कर रहे हैं या इनके पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है। पुलिस दोनों घटनाओं की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बच्चों को पकड़ने की कोशिश कर रही है।






