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घूसकांड में गिरफ्तार ज्यूडिशियल मेंबर के घर मिलीं कीमती साड़ियां-गहने:CBI ने डिलीट मोबाइल चैट्स रिकवर की, आयकर अपीलीय अधिकरण में चल रहा था खेल

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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की ओर से आयकर अपीलीय अधिकरण (ITAT) घूसकांड मामले की जांच रविवार को 5वें दिन भी जांच जारी है। इस घूसकांड में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। रिमांड पर चल रहे आरोपियों से CBI पूछताछ कर अहम जानकारी जुटा रही है। मामले में आरोपी राजेंद्र सिसोदिया (वकील), डॉ. एस. सीता लक्ष्मी (ज्यूडिशियल मेंबर), मुजम्मिल (पक्षकार) और कमलेश राठौड़ (अकाउंटेंट) को गिरफ्तार किया गया था।

CBI सूत्रों के मुताबिक, ITAT घूसकांड में अरेस्ट की गई डॉ. एस सीता लक्ष्मी, एडवोकेट राजेंद्र सिंह सिसोदिया और अकाउंटेंट-मेंबर कमलेश राठौड़ को आमने-सामने बैठाकर दोबारा पूछताछ की जाएगी। CBI की ओर से आरोपियों के जब्त किए डिजिटल डिवाइस व मोबाइल की जांच की जा रही है। इसमें ITAT की ओर से दिए गए निर्णयों के ड्राफ्ट भी बताए जा रहे हैं। इन्हें बाद में अंतिम आदेश पारित करने के समय बदल दिया जाता था।

आयकर अपीलीय अधिकरण (ITAT) में साल 2021 से ज्यूडिशियल मेंबर एस सीता लक्ष्मी कार्यरत है।
आयकर अपीलीय अधिकरण (ITAT) में साल 2021 से ज्यूडिशियल मेंबर एस सीता लक्ष्मी कार्यरत है।

कई अहम सबूत मिले CBI सूत्रों के मुताबिक, रिश्वत में ली रकम को ठिकाने लगाने के संबंध में कई अहम सबूत CBI को मिले हैं। न्यायिक सदस्य डॉ. एस सीता लक्ष्मी के सर्च में कीमती साड़ियां व गहने मिले हैं। इसका पेमेंट कैश के साथ ही दूसरे लोगों के नाम का बिल होना सामने आया है। तमाम लग्जरी लाइफ से जुड़ी चीजें भी दूसरे व्यक्ति के नाम से खरीदी गई है।

आरोपी एडवोकेट राजेन्द्र सिंह सिसोदिया के सर्च में मिली डायरी में ITAT अफसरों से किए लेन-देन का पुराना हिसाब मिला है। घूसकांड में पकड़े गए आरोपियों के डिलीट किए मोबाइल चैट्स को CBI ने रिकवर करवाया है, जिसमें कई अहम सबूत हाथ लगे हैं। CBI की लिस्ट में शामिल लोगों को पकड़कर जल्द ही पूरे मामले का क्रॉस वेरिफिकेशन करवाया जाएगा।

कोटा के रहने वाले मुजम्मिल को भी सीबीआई ने गिरफ्तार किया था।
कोटा के रहने वाले मुजम्मिल को भी सीबीआई ने गिरफ्तार किया था।

2 को पुलिस रिमांड पर भेजा शनिवार को डॉ. एस. सीता लक्ष्मी, राजेन्द्र सिंह सिसोदिया और मुजम्मिल की रिमांड अवधि खत्म हो गई थी। सीबीआई की ओर से शनिवार दोपहर तीनों आरोपियों को सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने न्यायिक सदस्य डॉ. एस. सीता लक्ष्मी और एडवोकेट राजेन्द्र सिसोदिया को 2 दिसम्बर तक सीबीआई रिमांड पर सौंपा। आरोपी मुजम्मिल से पूछताछ पूरी होना मानकर 12 दिसम्बर तक उसे जेल भेजने के आदेश दिए। घूसखोरी मामले में अरेस्ट चौथा साथी कमलेश राठौड़ पहले से सीबीआई रिमांड पर चल रहा है।

शनिवार को डॉ. एस. सीता लक्ष्मी को सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश किया गया था।
शनिवार को डॉ. एस. सीता लक्ष्मी को सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश किया गया था।

रिमांड खारिज का किया आग्रह रिमांड मांगने के दौरान CBI के पब्लिक प्रोसिक्यूटर राहुल अग्रवाल ने कोर्ट को बताया- इस मामले से जुड़े कई लोग अभी भी भूमिगत हैं। जांच में मिले डॉक्युमेंट का एनालिसिस करने के अलावा इससे जुड़े हुए कुछ रिकॉर्ड जुटाए जाने हैं।

दूसरी ओर डॉ. एस. सीता लक्ष्मी की ओर से सीनियर एडवोकेट एस.एस होरा ने CBI की ओर से की गई उनकी अरेस्टिंग को गलत बताया। कहा- इस मामले में कई नियमों की अनदेखी हुई है। सुप्रीम कोर्ट व राजस्थान हाईकोर्ट के कई निर्णयों का उल्लेख करते हुए CBI के अतिरिक्त रिमांड के आवेदन को खारिज करने का आग्रह किया।

M 24x7 News
Author: M 24x7 News

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