कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने मंत्रियों की जनसुनवाई, ईआरसीपी और यमुना जल के मुद्दे पर सरकार को घेरा। डोटासरा ने कहा- मैं मुख्यमंत्री से हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं कि मंत्रियों की सुनवाई करो, ये बेचारे रो रहे हैं। सुधांश पंत इनके ऐसे स्पेशल असिस्टेंट (SA) लगा गए कि ये मंत्रियों की सुनते ही नहीं हैं।
डोटासरा ने कहा- मैं लिख कर दे सकता हूं कि शेखावाटी में यमुना का पानी नहीं आएगा। इनके कार्यकाल में ईआरसीपी राष्ट्रीय परियोजना नहीं बनेगी।
डोटासरा प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में गुरुवार को मीडिया से बातचीत कर रहे थे। डोटासरा ने कहा- मंत्री अगर प्रभारी मंत्री के रूप में जिलों में जाते हैं तो वहां कार्यकर्ता उनसे मिलने नहीं आते हैं। इस तरह का पर्सेप्शन बन चुका है कि मंत्रियों की ही सुनवाई नहीं हो रही है तो फिर आम जनता की जनसुनवाई कैसे होगी।
एक भी मंत्री का दरवाजा खुला नहीं मिलता कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- मंत्री दावे करते हैं कि उनके दरवाजे 24 घंटे खुले रहते हैं, लेकिन मैं भी दावे से कहता हूं कि सिविल लाइंस के बंगलों में जाकर देख लीजिए। अगर एक भी मंत्री के बंगले का दरवाजा खुला मिल जाए तो मान लेंगे कि यह लोगों की सुनवाई करते हैं। मंत्री चुपचाप अपनी गाड़ी से निकलते हैं, चुपचाप वापस आ जाते हैं। कार्यकर्ता और आम लोगों से इनका कोई सरोकार नहीं है।

मंत्री दिन में तीन बार बदल देते बयान डोटासरा बोले-
मुख्यमंत्री ने कहा था कि अंता का उपचुनाव का रिजल्ट सरकार के दो साल की गवर्नेंस का आधार माना जाएगा। वहां तो इनका बंटाधार हो गया, 16 हजार वोटों से निपटा दिया। डोटासरा ने कहा- झूठ के ऊपर इनकी पूरी बुनियाद है। जनता अब समझ चुकी है। आने वाला कोई चुनाव ये नहीं जीतेंगे।

सरकार पंचायती राज चुनाव नहीं करवा रही है। इनके मंत्री रोजाना बयान बदलते हैं। महीने-दो महीने से बदलते तो बात समझ आती है, इनके मंत्री तो दिन में ही तीन बार बयान बदलते हैं। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा तो पांच मिनट में ही बयान से पलट जाते हैं।
भागीरथ बन-बनकर फोटो खिंचवा रहे, यमुना जल की डीपीआर तक नहीं बनी डोटासरा ने कहा कि अभी ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना पर संसद में सवाल लगा था। केंद्र सरकार ने साफ मना कर दिया कि ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना नहीं बना रहे। इससे बड़ा झूठ और धोखा प्रदेश के साथ नहीं हो सकता। शेखावाटी को यमुना का पानी दिलवाने पर बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं। दो साल हो गए, आज तक डीपीआर नहीं बना पाए। जब डीपीआर नहीं बनी, बजट तुम्हारे पास नहीं है। भागीरथ बन-बनकर फोटो खिंचवा रहे हो और अपनी पीठ खुद थपथपा रहे हो।
आज चुनाव हो तो जनता कर देगी सूपड़ा साफ डोटासरा ने कहा- अंता विधानसभा उपचुनाव में जनता ने इन्हें सबक सिखा दिया। आगे जितने भी चुनाव होंगे, जनता इन्हें सबक सिखाएगी। चाहे निकाय चुनाव हों, पंचायत चुनाव हों या फिर विधानसभा के चुनाव हों, क्योंकि जनता त्रस्त हो चुकी है।






