रोडवेज में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले कंडक्टर गिरीराज यादव को चित्तौड़गढ़ जिले की निम्बाहेड़ा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी भैरू का चबूतरा अलवर निवासी है और अजमेर डिपो में कंडक्टर के पद पर कार्यरत था, लेकिन लंबे समय से अनुपस्थित चल रहा था। चित्तौड़गढ़ एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि निम्बाहेड़ा के नाकोड़ा नगर निवासी भजन गायिका कीर्ति नागदा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पिछले साल देवली कार्यक्रम में जाते समय वह कुशलगढ़- शाहपुरा-प्रतापगढ़ रूट वाली बस में सफर कर रही थी। कंडक्टर गिरीराज ने टिकट काटने के बाद परिचय बढ़ाया। शेष पेज|16 पर गिरीराज बातचीत में बेहद माहिर है।
उसने अपने साथियों तक को नहीं छोड़ा। मत्स्यनगर आगार के कंडक्टर राजपाल के अनुसार वह खुद उसकी बातों में आकर साढ़े तीन साल पहले अपने भाई और साले की नौकरी के लिए 4 लाख रुपए दे चुका है। उसके जीजा से भी उनकी बेटी और साले की नौकरी लगवाने के नाम पर 4 लाख रुपए गिरीराज को दिलवा दिए थे। शाहपुरा डिपो के कंडक्टर मुकेश ने भी उसके झांसे में आकर 2 लाख रुपए दे दिए थे। पैसे नहीं लौटाने पर छह महीने पहले राजपाल की गिरीराज से बहरोड़ में मुलाकात हुई, जहां गिरीराज की पिटाई भी की गई, लेकिन इसके बावजूद रकम वापस नहीं की। अब पुलिस आरोपों की जांच में जुटी है और ठगे गए अन्य लोगों की सूची तैयार की जा रही है।






