जोधपुर में एसआई टेक्निकल की परीक्षा के दौरान एग्जाम सेंटर के बाहर से कैंडिडेट की स्कूटी से जेवर, मोबाइल और नकदी चोरी हो गए। इसकी शिकायत पीड़िता ने संबंधित थाने में कराई है। पीड़िता के भाई का आरोप है कि उसने अपने स्तर पता किया तो पता चला कि मोबाइल का इस्तेमाल किया जा रहा है। आरोप है कि जब उन्होंने थाने में इसकी जानकारी दी तो पुलिस ने मोबाइल लेकर चोर को छोड़ दिया।
पीड़िता के भाई ने कहा- अन्य सामान की बरामदगी नहीं हो पाई। मामले की एफआईआर भी थाने में डीसीपी के निर्देश देने के बाद एक महीने बाद दर्ज की गई।
ये है मामला लूणी तहसील के बड़लिया गांव निवासी फरसाराम पिता भंवरलाल ने सरदारपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें बताया कि उसकी बहन गीता का 9 नवंबर 2025 को एसआई टेक्निकल का एग्जाम महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल जालोरी गेट पर था। गीता स्कूल के बाहर मोबाइल, कान की सोने की बाली और 1000 रुपए कैश स्कूटी की डिक्की में रखकर परीक्षा देने चली गई।
परीक्षा समाप्त हो जाने के बाद गीता ने स्कूटी की डिक्की खोली तो सामान चोरी गया था। तब गीता ने नजदीकी थाने सरदारपुरा पुलिस स्टेशन में जाकर शिकायत दर्ज करवाई। बाद में गीता का मोबाइल एक अनजान व्यक्ति उपयोग करने लगा।
मोबाइल चलाने की थाने में दी जानकारी फरसाराम ने बताया कि जब उन्हें मोबाइल चलाए जाने की जानकारी मिली तो उन्होंने इसकी सूचना सरदारपुरा थाने में दी। इसके बाद पुलिस ने चोर को थाने बुलाया और मोबाइल ले लिया। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने चोर से सोने की बाली की बरामदगी के प्रयास नहीं किए और जाने दिया।
डीसीपी को शिकायत करने के बाद दर्ज हुई एफआईआर फरसाराम के मुताबिक पुलिस ने शिकायत लेकर रख ली, लेकिन चोरी की एफआईआर भी दर्ज नहीं की। इसकी शिकायत जब पीड़ित ने डीसीपी वेस्ट से की तो उनके निर्देश के बाद एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने वारदात के करीब एक महीने बाद 9 दिसंबर को एफआईआर दर्ज की। पीड़िता के भाई का कहना है कि पुलिस यदि चोर को गिरफ्तार करके सख्ती से पूछताछ करती तो उनका बाकी सामान भी बरामद हो जाता।






