उदयपुर में गुरुवार रात एक कार एक्सीडेंट में स्कूटी सवार की मौत हो गई। बाद में सामने आया कि ये एक्सीडेंट नहीं मर्डर था। इस मामले में मृतक आरव के समाज के लोग शनिवार को उदयपुर की सड़कों पर उतरे और आक्रोश जाहिर किया। लोगों ने मांग कि आरोपियों के घर बुलडोजर से तोड़े जाए। कलेक्टरी के बाहर से लेकर अस्पताल में प्रदर्शन किया गया।
दरअसल, उदयपुर शहर में अज्ञात वाहन ने स्कूटी को टक्कर मार दी थी। इससे मल्लातलाई निवासी आरव खोखर की मौत हो गई थी। बाद में पता चला कि यह हादसा नहीं था। मर्डर किया गया है।
इस मामले में शनिवार को बड़ी संख्या में समाज के लोग मॉर्च्युरी के बाहर एकत्रित हो गए। प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के घर पर बुलडोजर कार्रवाई, मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी।
उदयपुर में आज जुटे मृतक के समाजजन।
प्रदर्शन के दौरान परिजनों और समाजजन ने प्रशासन के समक्ष स्पष्ट किया कि जब तक कोई बड़ा अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर उनकी मांगों पर सहमति जताते हुए लिखित में नहीं देते तब तक मॉर्च्युरी से शव नहीं उठाया जाएगा। वहीं, मौके पर पहुंचे गिर्वा तहसीलदार श्याम सिंह चारण ने कहा कि परिजनों के प्रतिनिधि और प्रशासन के बीच शुक्रवार को ही सहमति बन गई थी। शव का पंचनामा कल बन गया था। समाजजनों ने आज फिर से कुछ मांगे रखी है।
प्रदर्शन में अस्पताल में समाज की महिलाएं भी एकत्रित हुई।
समाज के कपिल राठौड़ ने बताया- शुक्रवार को इस घटना की समाज के कम लोगों को जानकारी थी। आज सबको जानकारी मिली तो एकत्रित हुए। सभी सरकार से मांग की है कि आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाया जाए। लिखित में मृतक के परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी देने के साथ ही एक करोड रुपए का मुआवजा दिया जाए।
अब समझिए पूरे मामले को
सूरजपोल थाना पुलिस क्षेत्र में गुरुवार रात को आरव खोखर व उसके साथी हिमांशु स्कूटी से किशनपोल से मल्लातलाई जा रहे थे। मोगरवाड़ी इलाके में अज्ञात वाहन की टक्कर से आरव की मौत हो गई थी। आरोपियों की पीड़ित युवकों से इससे पहले कहासुनी हो गई थी।
रेलवे स्टेशन के पास तलाशी के दौरान आरोपी दीवार फांदकर भागने लगे। तब वे गिर गए, जिससे इनके हाथ-पैर में चोट लगी है।
जांच में पुलिस ने एक्सीडेंट नहीं हत्या माना
उदयपुर एसपी योगेश गोयल शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि भंवरलाल गारू निवासी मल्लातलाई ने थाने में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि पुलिस ने प्राथमिक जांच में पाया कि मामला एक्सीडेंट का नहीं होकर, हत्या का लग रहा है।
एसपी ने बताया कि रेलवे स्टेशन के पास तलाशी के दौरान पुलिस जाब्ता देखकर कार साइड में खड़ी कर आरोपी दीवार फांदकर भागने लगे। तब वे गिर गए, जिससे इनके हाथ-पैर में चोट लगी है।
पुलिस ने इस मामले में आरोपी सोहेल उर्फ टेनी निवासी बलीचा ओमबन्ना मंदिर के पास, मोहसीन निवासी खांजीपीर और सोहेल निवासी अंजुमन हाल गोसिया कॉलोनी को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोहेल उर्फ टेनी गोवर्धन विलास थाने का हिस्ट्रीशीटर है। इसके खिलाफ शहर के अलग-अलग थानों में डकैती की योजना, हत्या और मारपीट के करीब आधा दर्जन केस दर्ज हैं। मामले की जांच डीएसपी सूर्यवीर सिंह राठौड़ को सौंपी।
अस्पताल में अपनी मांगों को रखते समाज के प्रतिनिधिगण।
रास्ते में कई बार टक्कर मारने की कोशिश की
आरोपियों से पूछताछ में पता लगा कि बलीचा क्षेत्र में तीनों आरोपियों की घायल हिमांशु और मृतक आरव से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। इसके बाद आरोपियों ने उनकी स्कूटी का पीछा करना शुरू कर दिया था। हत्या करने की नीयत से उन्होंने रास्ते में स्कूटी को कई बार टक्कर मारने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। मोगरावाड़ी में मौका पाते ही टक्कर मार दी और फरार हो गए।





