शनिवार को राजसमंद जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र में सामने आए फर्जी रजिस्ट्री मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया। खातेदारी काश्तकारी भूमि को अपनी बताकर बेचने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जो लंबे समय से फरार चल रहे थे।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता द्वारा धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित निपटारा के निर्देशों की पालना में की गई।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में बनी टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी महेन्द्र पारीक एवं डीएसपी भीम राकेश वर्मा के सुपरविजन में देवगढ़ थाना इंचार्ज मुकेश चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों को डिटेन कर पूछताछ की।
पूछताछ में किया फर्जीवाड़े का खुलासा
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने खातेदारी काश्तकारी भूमि को स्वयं की बताकर फर्जी रजिस्ट्री करवाई और बाद में उसे अन्य व्यक्तियों को बेच दिया। इसके बाद पुलिस ने कालू सिंह रावत (45) और अर्जुन लाल सालवी (32) को गिरफ्तार कर लिया।
अदालत में पेश, जेल भेजे गए आरोपी
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस प्रकरण में इससे पहले भी चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
जनवरी में दर्ज हुई थी शिकायत
यह मामला 2 जनवरी 2025 को सामने आया था, जब पीड़िता पुष्पादेवी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनके पति की भूमि को धोखाधड़ीपूर्वक फर्जी रजिस्ट्री के जरिए बेच दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।





